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इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड्मंत्र
बाग - 21

प्राथमभक ऩाठ्मक्रभ

मभत्रो द्वितीम विश्ि मुद्ध के सभम मूयोऩ भें केजी,नससयी आदद कऺाओ का
आयम्ब हुआ फच्चों को एकसाथ यखने के मरमे क्मोंकक हय घय के व्मस्क
भदहरा ऩुरुष को गोरा फारूद की पैक्टयी भें मुद्ध की तैमायी हे तु कामस कयना
अननिामस था !
उनके महाॊ कोई विमिष्ट प्राचीन विकमसत मिऺा प्रणारी थी ही नहीॊ तो फच्चों
को खखरौने दे ते थे, अऺय ऻान कयाते थे,कविताएॊ , छोटी कहाननमाॊ माद कयाते
थे !

1947 बायत स्ितॊत्र हुआ औय भौराना अफुर कराभ जजनको बायत की प्राचीन
गुरुकुर ऩध्दनत का कोई ऻान, ऋवषमो के ग्रॊथो भें उऩरब्ध गखणत, आमुिेद ,
विऻान, बूगोर की कोई जानकायी नहीॊ थी !

उनको दे ि का प्रथभ मिऺा भॊत्री फनामा गमा !


आस्चमस है 32 कयोड़ धभसननष्ठ दहन्द ुओ का मिऺभॊत्री भदयसे भें ऩढ़ा एक
भौराना क्मों ?

जफकक ऩॊ डडत यवििॊकय जैसे कई विद्िान उऩरब्ध थे !

इस भौराना ने एिभ फाद के मिऺा भॊत्रत्रमों ने, मूयोऩ की मिऺा प्रणारी को ही


बायत भें रागू ककमा !
िहीीँ के जैसे ऩाठ्मक्रभ को महाॉ के प्राथमभक कऺाओ भें रागू ककमा गमा !
नतीजा
फच्चे फुद्धधभान की जगह फुधू फन गए !

बायत जजसे प्राचीन ऋवषमो ने जाना था कक गबस भें ही फारक को ऻान ग्रहण
कयने की ऺभता होती है एिॊ मे ऺभता जन्भ के फाद से 9 िषस तक यहती है !

आज के िै ऻाननक इसी फात की ऩुजष्ट कयते है तो फच्चों को घय भें , गुरुकुर भें


आज कदठन सभझे जाने िारे सॊस्कृत विषम की मिऺा दी जाती थी !

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हजायो भन्त्र, श्रोक, नीनतमाॊ यटामे जाते थे, जोकक उनके ननश्छर, िुद्ध स्भनृ त
ऩटर ऩय जीिन बय के मरमे स्थाई हो जाते थे !

मही कायण है कक प्राचीन कहाननमों भें हभरोग नधचकेता जैसे अत्मॊ त


फुद्धधभान फारको की कहाननमाॊ ऩढ़ते है ।

आदद िॊकयाचामस ने 6 िषस की उम्र भें अनेक ग्रन्थ माद कय मरए थे !

अफ आजादी के फाद स्कूरों भें दहन्द ू विद्माथी ही 95% प्रनतित होते थे !


सयकायी स्कूरों भें भुजस्रभ फच्चे ना के फयाफय होते थे !

इस्रामभक फजस्तमो भें भुजस्रभ फच्चे भदयसे भें ऩढ़ने जाते थे !

तो जजन फच्चों के DNA भें िेदो, गीता के श्रोको को माद कयने की ऺभता थी
उन फच्चों को फचऩन से कैप्टर रेटय ABCD, छोटे रेटय abcd, टे ढ़ी abcd,
घुभािदाय abcd, अॊग्रे जी कविताएॊ माद कयने भें रगा ददमा !

जोकक केिर फच्चों का सभम, सार फफासद कयने का एक तयीका है मे भख


ू त
स ाऩूण स
कामस नससयी से रेकय कऺा 3 तक होता है !

जफकक भेया व्मजक्तगत अनुबि है कक भेये फड़े बाई की 4 सार की फेटी को


हभरोग प्राण जी की वऩॊकी, चाचा चौधयी आदद कॉमभक्स ऩढ़कय सुनाते थे, हय
धचत्र ऩय ऊॉगरी यखकय सॊिाद ऩढ़ते थे !
तो फेटी को ऩुये सम्िाद धचत्र सदहत माद हो गेमे थे औय कपय िो घय भें अकेरे
ही, ट्रे न भें वऩॊकी की कॉमभक्स खोरकय, धचत्र ऩय ऊॉगरी यखकय, सॊिाद फोरते
हुए ऩन्ने ऩरटती जाती (स्भनृ त के आधाय ऩय ही, अऺय ऻान नहीॊ था) औय ट्रे न
भें फै ठे रोग ऩूछते कक इतनी कभ उम्र भें फेटी कैसे ऩढ रेती है ?

हय दहन्द ू (सनातन, मसख, जैन , फौद्ध) मििु के िुद्ध DNA भें प्राचीन कार के
ऻान को स्टोय यखने का विमिष्ट गुण होता है फस उसको प्रकट कय ऩाने हे तु
उधचत प्रकक्रमा, उधचत गुरु चादहए !

जो फारक ऐसे गरु


ु के भागसदिसन भें ऩढ़ ऩाते है िो फचऩन से विरऺण फुद्धध के
होते है !

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हय सार टीिी ऩय केटी तुर सी, चाणक्म जैसे फारक ददखाई ऩड़ते है इसी
ऩद्मनत के अनुकयण के कायण !

स्ितॊत्र होने के फाद बायत भें 6 िषस की उम्र भें विद्िान ् हो जाने िारे िॊकयाचामस
!
10 िषस की उम्र भें जदटर गखणत को हर कय रेने िारे याभानुजन !
18 िषस की उम्र भें मयू ोऩ के प्रमसद्ध भनोिै ऻाननक फ्रामड को गरत मसद्ध कय
दे ने िारे यजनीि !
15 िषस की उम्र भें डाक्टय फन जाने िारे फारक विकमसत ना हो सके !

इसमरमे मूयोऩीम मिऺा प्रणारी को बायत भें रागू ककमा गमा !

ककसके इिाये ऩय ?
ककसके दिाफ भें ?

ऩहचाननमे उन दहन्द ू वियोधधमो को !

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इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड्मंत्र
बाग - 22

ईसा भसीह औय वेरेंटाइन डे

मभत्रो बायत के स्कूरों भें सिसधभस सद्बाि के अॊतगसत मिऺा दे ने का कामस 1947
के फाद ननजश्चत ककमा गमा!

इसाई मभिनरयमो को स्कुर खोरने की अनुभनत दी गई।


ननजी स्कूर के रूऩ भें इसाई स्कुर दहन्द ू जैन मसख ट्रस्टों द्िाया खोरे गए
स्कुर ही थे!

1947 भें केिर जजरा भुख्मारम िहय भें जस्थत इसाई स्कुर अफ ितसभान भें
तहसीर से रेकय गाॊि तक ऩहुच चुके है !

तो हय इसाई स्कुर के प्राॊगण भें ईसा भसीह की सफ़ेद िस्त्रों भें , कफूतय उड़ाते
हुए, एक भनू त स अिश्म होती है !

इन स्कूरों भें जाने िारे दहन्द ू फच्चे 4 सार की उम्र से ही ईसा भसीह को दे खने
रगते है औय इसाई स्कुर के मिऺकों को इस भूनत स के साभने नभन कयते दे खते
है !
फस फार भन प्रबावित हो जाता है !

एक कहानी हभ सफ ने ऩढ़ी है कक फमरष्ठ वििार मुिा हाथी को एक भाभूरी


साॊकर से फाॊध कय यखा जा सकता है क्मोंकक , फचऩन भें ही जफ िो उस साॊकर
भें फॊ धा हुआ था तो उस छोटे हाथी ने कई फाय साॊकर तोड़कय उच्छरकूद कयने
का प्रमत्न ककमा ककॊ तु उसकी उम्र की तुरना भें साॊकर अधधक भजफू त होने के
कायण िो तोड़ नही ऩामा औय उसके भन भें मे धायणा फन गई कक मही भेया
जीिन है इतनी ही भेयी िजक्त है !
औय मही भानमसकता होने के कायण मुिािास्था भें िही हाथी वििार िऺ
ृ ो को
तो उखाड़ दे ता है ककॊ तु िाभ को साॊकर भें फॊ ध जाने के फाद िो गुराभ की तयह
व्मिहाय कयने रग जाता है एक भाभूरी भहाित के साभने !

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तो इसाई मभिनरयमों ने फस इसी भनोिै ऻाननक मसद्धान्त का उऩमोग ककमा है
बायत की नई ऩीढ़ी को गुराभ फनाने के मरमे !

जफ फारक फचऩन से ही इसे भसीह की भूनत,स नतभस्तक होते मिऺकों को


दे खते है तो स्िमॊ बी ऐसा ही कयते है औय उनके ननश्छर भन भें ईसा भसीह के
प्रनत अऻात श्रद्धा उत्ऩन्न हो जाती है !

अफ इसाई मभिनयी मा उनका भीडडमा!

योज डे !
फेरेंटाइन डे !
फ्रेंडमिऩ डे !

आदद भनाने रग जाते है !


औय नई ऩीढ़ी जफ इन ऩाश्चात्म त्मोहायों का इनतहास खोजती है Google ऩय !
तो इसाई दे ि का इनतहास मभरता है जजसके बगिान ् ईसा भसीह होते है तो 4
सार की उम्र से ईसा भसीह को दे खने िारा फारक 24 सार की उम्र भें ईसाईमों
द्िाया प्रचारयत त्मौहाय भनाने भें त्रफल्कुर सॊकोच नहीॊ कयता क्मोंकक उसका
अिचेतन भन इस प्रणारी को 4 सार की उम्र भें स्िीकाय कय चुका था !

इसाई स्कूरों भें ऩढ़े विद्माधथसमों को आऩ कबी बी इसाई भत का वियोध कयते


नहीॊ ऩाओगे!

बरे ही िो इस्रामभक आतॊ क का प्रखय वियोधी हो दहन्द ू (सनातन, मसख, जैन ,


फौद्ध) धभस भें ऩूण स आस्थािान हो!
औय
मही कायण है कक वऩछरे भात्र 30 िषो भें न्मू ईमय, फ्रेंडमिऩ डे, िेरेंटाइन डे
आदद हय छोटे िहय तक भें प्रचमरत हो चुके है !
क्मोंकक अफ हय छोटे िहय भें इसाई स्कुर भें ऩढ़ा 4 सार का फच्चा 24 सार का
हो चुका!

औय छोटी जगह भें 50 ऐसे फच्चों के प्रबाि भें (उस जगह के सफसे सभद्
ृ ध
ऩरयिाय ), 500 साधायण फच्चे उनके ऩीछे अनुऩारन कयने भें रग जाते है
क्मोंकक प्राचीन भनोिै ऻाननक तथ्म है कक

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भहाजनो मेन गता स ऩन्था:
(जजधय फड़े रोग जाते है फाकी रोग उसी यास्ते ऩय चर ऩड़ते है )

मभत्रो फड़े मोजनाफद्ध तयीके से एक ऩूयी ऩीढ़ी विकमसत की गई है , इसाई


मभिनरयमों के स्कूर खोर कय!

ककनके सहमोग मा भागसदिसन भें !


ऩहचाननमे !

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इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड्मंत्र
बाग - 23

टायगेट वषष 2090

मभत्रो बायत भें 1947 के फाद मदद ननजी मिऺण सॊस्थान खर


ु े तो दहतकारयणी,
जैन , मसख ट्रस्ट द्िाया खोरे गए औय अग्रसेन भहाविद्मारम, तीथंकय
मनू निमससटी , सयस्िती मििु भॊददय, भहवषस विद्मा भॊददय आदद नाभ से खोरे
गए!

कपय फाद भें सेठ रोग अऩने भाता वऩता के नाभ से स्कुर कारे ज खोरने रगे !
जैसे स्ि श्री फद्री मसॊह जूननमय हाई स्कूर,ईश्ियदीन PG कॉरे ज ,दे िी
दे फताओ,प्राचीन ऋवषमो, भाता वऩता के नाभ ऩय दहन्द ू (
सनातनी,जैन,मसख,फौद्ध ) िगस सभस्त िैऺखणक, साभाजजक, धामभसक कामस
कयता है !

ककॊ तु आऩको आश्चमस नहीॊ होता कक इसाई स्कुर केिर इसाई सॊत के नाभ से ही
क्मों खोरे जा यहे है ?

वऩछरे 100 िषों भें इस नाभकयण ऩध्दनत भें त्रफल्कुर बी फदराि क्मों नही
हुआ ??

एक फात हभेिा ध्मान यखखए कक ककसी सॊस्कृनत के विनाि हे तु इल्रुम भनानत


100 िषो की दीघसकारीन मोजना फनाता है कपय उनके िॊ िज इस मोजना ऩय
कामस कयते जाते है !

तो इल्रुमभनानत ने ऩहचाना कक गुरुकुर ही इस दे ि की बौनतक सभद्


ृ धध ,ऻान
के आधाय है तो 1850 से ही गाॉि गाॉि घूभकय गुरुकुर नष्ट कय ददमे गए!

मे गुरुकुर प्राचीन ऋवषमो के नाभ ऩय चरते आ यहे थे।

कपय मभिनरयमों ने स्कूर कारेज खोरने आयम्ब ककमे औय केिर इसाई सॊतो
के नाभ ऩय!

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इसाई स्कूर भें ऩढ़ने िारे फारक 4 सार की उम्र से ईसा भसीह औय एक इसाई
सन्त का नाभ जानने रग जाते है जजस स्कूर भें िो ऩढ़ते है औय इसी सन्त का
पजी जन्भददिस मा स्भनृ तददिस अफ भनामा जाने रगा है इन स्कूरों भें ( योज
अखफाय ऩदढ़ए ध्मान से )!

अफ िषस 2015 तक 25 सार जजनकी उम्र है ऐसे मुिक मुिनतमों की एक ऩीढ़ी


तैमाय हो चुकी है जो योज डे, िेरेंटाइन डे, फ्रेंडमिऩ डे आदद भनाते है !

मे प्रथभ चयण हुआ दहन्द ू धभस विध्िॊ ि का!

अफ इसाई सॊतो का जन्भददन भनाना दस


ू या चयण आयम्ब ककमा है इन
मभिनरयमों ने !

अबी मे स्कूर स्तय ऩय है (जैसे ऊऩय मरखे डे की िुरुआत इसाई स्कूरों से हुई )
औय जफ मे ितसभान स्कूरी ऩीढ़ी 25 िषस की उम्र की हो जामेगी !

2040 तक तो इसाई सॊतो के जन्भददन कपय साभाजजक स्तय ऩय भनाए जाने


रगें गे (जैसे ऊऩय मरखे डे अफ साभाजजक स्तय ऩय व्माऩक हो गए)
मे तीसया चयण होगा !

(ध्मान दीजजए सॊत यविदास जी की जगह अफ अम्फेडकय की भनू त स ने रे री है मे


उदाहयण है फदराि प्रकक्रमा का)

औय कपय चौथा चयण आयम्ब होगा जजसभें इन इसाई सॊतो को ही बायत दे ि का


उद्धायक, बायत दे ि का ऋवष फतामा जाएगा!

औय कपय नेहरू की ककताफ डडस्कियी आप इॊडडमा का उदाहयण दे ते हुए फतामा


जाएगा कक “सेंट ऩार, सेंट ऑगजस्टन, सेंट रूथय आऩके (दहन्द ू के) ही ऩूिसज थे
!”

क्मोंकक नेहरू की ककताफ के अनुसाय (औय स्कूर के ऩाठ्मक्रभ भें ऩाश्चात्म


विद्िानों के अनुसाय) आमस मूयोऩ से बायत आमे थे !

मे कामस 2075 भें आयम्ब होगा औय दहन्द ू रोग भानें गे बी क्मोंकक इस सभम
तक इसाई स्कूरों से ऩढ़कय ननकरे रोग हय गाॊि भें होंगे !

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फच्चे से रेकय फूढ़े तक इसाई स्कूर उत्ऩाद जजस फच्चे का जन्भ 2015 भें हुआ
है िो फचऩन 4 सार से ही इसाई डे भनाएगा !

स्कुर भें इसाई सॊतो के जन्भददन भनाएगा तो 2075 तक मही आदभी 60 िषस
का होगा औय इसके नाती ऩोते बी िही कयें गे जो दादाजी फताएॊ गे , मसखाएॊ गे !
फस नाभ के दहन्द ू दादाजी िही फता ऩाएॊ गे जोकक स्कुर भें सीखा होगा क्मोंकक
धभस के नाभ ऩय िो सेकुरय हो चुके होंग मानी धभसविहीन!

औय इस तयह िषस 2090 तक इस बायत दे ि भें दहन्द ू ऋवषमो की जगह इसाई


ऋवष ही असरी आमसिॊिी के रूऩ भें प्रमसद्ध होंगे भाने जाएॊ गे !

क्मोंकक असरी प्राचीन ऋवषमो के ग्रन्थ गामफ हो चुके होंगे सेकुरयिाद के नाभ
गीता प्रेस जैसे सॊस्थान फन्द ककमे जा चुके होंगे !
( हॊ स , ददनभान, जब्रट्ज, धभसमुग ऩत्रत्रकाएॊ कैसे फन्द हुई ? )

औय उऩरब्ध ग्रॊथो मा ऋवषमो, दे िी दे फताओ के नाभ को विमबन्न प्राचीन


उदाहयणों प्रसॊगों द्िाया फदनाभ ककमा जा चुका होगा !

ितसभान भें िोिर मभडडमा ऩय मे कामस आयम्ब हो चुका है औय इनके सॊयऺण के


मरमे नेहरू ने सॊविधान भें अमबव्मजक्त के अधधकाय का कानून फना ददमा था !
इरुमभनाती मोजना का एक चयण, जोकक केिर दहन्द ू धभस की ननॊदा ऩय ही रागू
होता आमा है 1950 से अबी ओिेसी, जाककय नाइक, ऩजश्चभ फॊ गार के
फिीयहाट की घटना तक!

मभत्रो नेहरूजी को मूहीॊ कजश्भयी ब्राह्भण नही फतामा गमा!

नेहरू जी से मूॉ ही डडस्कियी आप इॊडडमा नही मरखिाई गई !

इस ककताफ के ऊऩय 1990 भें मूॊही धायािादहक नही फनामा गमा!


सफ 100 िषीम व्माऩक मोजना का एक दहस्सा है ताकक 2090 भें प्रभाण के रूऩ
मे फतामा जा सके कक कश्मऩ ऋवष के िॊ सज कश्भीयी ब्राह्भण नेहरू ने मे स्िमॊ
प्रकट होकय फतामा था कक आमस कौन थे !

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सावधान हहन्दओ
ु !

फच्चों को प्रनतददन अऩने धभस, अऩने ऋवषमो, अऩनी सॊस्कृनत, अऩने िेद ऩुयाण
के विषम भें फतामे औय प्रत्मेक ऩुयाण भें मरखे अॊतरयऺ अध्माम,जम्फूद्िीऩ
िणसन औय ब्रह्भा के िॊ ि का िणसन िारा आध्माम अिश्म ऩढ़ने को दे !
ताकक िो जान सके कक आज जो ऻान,धभस ददख यहा है बायत भें !

िो भेये प्राचीन ऋवषमो के कायण ही है


औय भैं ही ब्रह्भा जी का िॊ िज हूॉ!

ककसी बी एक ऩुयाण भें उऩमक्


ु स त तीन अध्माम अिश्म ऩदढमे!
गीता प्रेस गोयखऩुय की ऩुयाण ऩुस्तके!

गूगर से PDF डाऊनरोड कयके ऩदढ़ए !


(ध्मान यहे जजनभे गन्दे बाष्म हों उन्हें कतई न ऩढ़े मे बी षणमॊत्र है )

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इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड्मंत्र
बाग – 24

शैऺणिक सत्र

मभत्रो 1947 के फाद बायत भें 32 कयोड़ दहन्द ू औय 5 कयोड़ भुजस्रभ थे !

बायतिामसमों का भख्
ु म व्मिसाम औय कभाई का साधन कृवष ही था औय
व्माऩाय जगत बी इसी कृवष उत्ऩाद आधारयत था उद्मोग आधारयत नहीॊ !

तो जुराई भें स्कूर खुरते हैं ऩूये बायत भें भाचस तक ऩयीऺाएॊ होती हैं !
कपय गेहू की पसर कटने के फाद घयों भें िाददमाॊ होती थी सबी सम्फन्धी जन
भाभा, चाचा, पूपा,जीजा,भौसी आदद घय भें वििाह कामसक्रभ भें एकत्रत्र त होते थे
ऩारयिारयक सम्फन्ध प्रगाढ़ होते थे !
छोटे फच्चों को सबी सम्फजन्धमो से स्नेह मभरता था
जोकक सबी के मरमे दहतकायी होता था बविष्म भें !

ऩूये दे ि भें जुराई से अप्रै र तक का सत्र रगता था औय 2 भाह फच्चे ऩूयी तयह
भानमसक रूऩ से स्िस्थ भुक्त यहते थे !
औय जे ठ भाह की बीषण गभी के ऩहरे वििाह कामस ननऩट जाते थे !

ऩय ऩता नही मे साभाजजक,ऩारयिारयक सद्बाि ककस दहन्द ू वियोधी को ऩसॊद


नही आमा औय मिऺा सत्र अप्रै र से आयम्ब हुआ औय बायतीम दहन्द ू
ऩारयिारयक कामस ऩूयी तयह त्रफखय गए औय अफ रोग केिर 2 ददन की छुट्टी ही
रेकय आ ऩाते है कामसक्रभ भें सजम्भमरत हो ऩाते हैं !

दस
ू या ऩऺ इसका मे है कक अप्रै र भें मिऺा सत्र सभाप्त होने से इसाई
मभिनरयमों को अऩने स्कूरों का ताभ झाभ फनामे यखने भें फहुत ददक्कत होती
है क्मोंकक सॊरग्न स्टाफ़ को िेतन तो दे ना ही ऩड़ता था !
तो ऩहरे फहुभत फढ़ाने के मरमे ननजी स्कूर खोरने के ननमभो भें मिधथरता की
गई औय कऺा 4 तक तो अनुभनत वििेष की आिश्मकता बी नही यही !

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मे िामद 1990 के फाद की फात है !

अफ ननजी स्कूरों की सॊख्मा फहुत फढ़ गई तो कपय त्रफना ककसी भाॊग के फच्चों के


भाता वऩता से ऩूछे त्रफना अचानक ननमभ फना ददमा गमा कक मिऺा सत्र अप्रै र
से आयम्ब होगा जुराई से नहीॊ !

इस तयह एक झटके भें दे ि के ननजी स्कूरों को गभी के 2 भाह की भफ्


ु त पीस
मभरने रगी औय खचे ताभ झाभ व्मिजस्थत हो गए !

िहय भें चरने िारे आऩके ऩरयधचत का एक फहुत फड़ा स्कूर है क्मा उनके
कहने ऩय मिऺा भॊत्रारम ननमभ फदर दे गा ?

विमबन्न नाभो से सॊचामरत िजक्तिारी इसाई राफी ने मे सफ कयिामा!

दे ि के नीनत ननमभो के ननधासयक कौन ?

सॊऻानात्भक !

क्रभि्

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इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड्मंत्र
बाग - 25

टॉपी फांटो

मभत्रो आऩ मदद जागरूक है तो फच्चों के मरमे िषो ऩहरे औय आज बी टॉपी


नहीॊ खयीदते होंगे !
ककॊ तु फच्चों भें टॉपी फाजाय भें टॉपी साभने क्मों यखी औय इतनी त्रफक्री कैसे ?

ईसाई आकाओॊ के इिाये ऩय मभिनयी,इसाई उद्मोग, व्माऩाय, विऻाऩन सफ


एक साथ जुड़े हुए होते है ।

तो बायत भें िुब अिसयों ऩय मभठाई खाने खखराने का प्रचरन यहा है !


सयकायी स्कूरों एिभ अन्म स्कूरों,सॊस्थाओॊ भें , 15 अगस्त, 26 जनियी एिभ
अन्म अिसयों ऩय मभठाई, फूॊदी के रड्डू , नभकीन आदद फाॊटे जाते यहे है !

अफ बायतीम फच्चों भें टॉपी कैसे रोकवप्रम हो इसके मरए इसाई स्कूरों एिभ
जहॉ जहॉ इसाई वप्रॊमसऩर आदद यहे है ,िहाॊ स्कुरी फच्चों का जन्भददन स्कुर भें
ही भनाने को प्रोत्सादहत ककमा गमा!

औय इसके मरमे फच्चों को टॉपी फाटने की प्रेयणा दी गई तो कुछ फच्चों ने मे


आयम्ब ककमा औय कुछ िषस फीतने ऩय मे एक ऩयम्ऩया फन गई अफ स्कूरों भें !

औय बायतीम रोगो की गुराभी भानमसकता मे है कक

भहाजनों मेन गता सा ऩन्था।

अथास त -फड़े रोग,सभद्


ृ ध रोग ,जजस ददिा भें चरे िही अच्छा यास्ता है !

तो अन्म स्कूरों भें बी मे टॉपी फाटने की ऩयॊ ऩया आयम्ब हो गई जफकक 1990
तक स्कुरी फच्चों के दाॊतों भें सभस्माए आने ऩय स्कूरों भें धचककत्सा ऩयाभिस
डाक्टयो द्िाया ददए जाने रगे थे जजसभें टॉपी को दाॊतों के मरमे फहुत
हाननकायक फतामा गमा था क्मोंकक इसभें ननकर, भैंगनीज आदद खतयनाक
धातु तत्ि होने की फात कही गई थी औय टॉपी दाॊतो के फीच घुस जाती है तो
धचऩक जाती है जो कक दाॊत सड़ने की ऩहरी अिस्था होती है !

15
जफकक गुड़ , मभठाई आदद मे प्राकृनतक तत्ि होते है जोकक राय के सम्ऩकस भें
यहते कुछ घण्टो भें घुर जाते है जफकक
टॉपी अप्राकनत सक धातु उऩजस्थत होने के कायण रम्फे सभम तक दाॊतो के फीच
फ़जस्स यहती है !

चाकरे ट के अरग भीठे स्िाद के कायण फच्चों को मे टाकपमाॊ अच्छी रगी!


विऻाऩन ददखामे गए वििेष स्कूरों ने अप्रत्मक्ऺ भाकेदटॊग भें सहमोग ककमा
औय दाॊतों के डाक्टयो की सॊख्मा भें िद्
ृ धध!
सम्फॊ धधत अॊग्रे जी विदे िी दिाईमो की त्रफक्री अयफो रूऩमे की प्रनतिषस होने रगी
है !

दाॊतो औय ियीय के मरमे राबदामक सॊतये की गोरी,िहद, औय गड़


ु ऩाग
(जजसको खाने से फुखाय नही होता, मरिय स्िस्थ यहता है ) गामफ हो गए!

सॊऻानात्भक !

क्रभि्

16
इल्रुमभनाति औय शैऺणिक शड्मंत्र
बाग - 26

मभशनयी स्कूर औय भॉडमरंग

मभत्रो आजादी के ऩहरे औय कपय फाद भें बायतीम स्कूरों भें मूननपाभस का कोई
वििेष ननमभ नहीॊ था !

उस सभम चचस के स्कूरों भें ही वििेष मूननपाभस होती थी !

बायतीम सयकायी स्कूरों भें कपय मूननपाभस ननजश्चत हुई !


अबी बी याज्म सयकाय के सयकायी स्कूरों भें रड़कों को पुरऩैंट िटस औय
रड़ककमाॊ सरिाय सूट ऩहनकय जाती है !

तो चचस के स्कूरों ने रड़ककमों के मरमे स्कटस ननधासर यत ककमा!


सम्बित् 1990 तक स्कटस बयऩूय रम्फे ,घट
ु ने के कापी नीचे तक होते थे !

रेककन चचस के स्कूरों ने मूननपाभस को ऩूयी तयह अऩने हाथ भें रे मरमा औय
कपय स्कूर से ही मूननपाभस मसरकय मभरने रगे औय धीऱे धीऱे स्कटस घुटने के
ऊऩय तक कफ आ गमा ऩता ही नही चरा !

कोई बी कामस जफ धीऱे धीऱे होता है तो फदराि सभझ नही आता !

तो फहन फेदटमाॊ जजस छोटे स्कटस को प्राथमभक विद्मारम भें आसानी से


फेदहचक ऩहन मरमा िही स्कटस जफ 8 वि कऺा के ऊऩय की कऺाओ भें छोटा
होते गमा तो फेदटमों को फील्कुर बी भानमसक फै चन
े ी नही हुई (बरे ही भाता
वऩता को होती यही हो ककॊ तु स्कूरी व्मिस्था के साभने फेफस)

औय जफ मे रड़ककमाॊ कारे ज ऩहुॊची तो िहाॉ ऩूयी स्ितॉत्रता होने से कपय


ननसॊकोच कुछ बी ियीय ददखाऊ िस्त्र ऩहनकय जाने रगी !

साथ ही स्कूरों भें ,कॉरेजों भें ,वऩछरे 20 िषों भें भॉडमरॊग प्रनतमोधगताएॊ
आमोजजत की जाने रगी है !

17
अफ छोटे स्कटस , भॉडमरॊग प्रनतमोधगताओॊ से ियीय ददखाने का बयतीम रड़ककमों
के भन का सॊकोच हट गमा !
औय इस तयह फॉरीिुड विऻाऩन कम्ऩननमो, टीिी सीरयमरों, को अधस मा ऩूण स
नग्न भॉडर मभरने रगी !

विऩािा फास,ु ऩुनभ ऩाॊडम


े आदद अनेकानेक नाभ स्ऩष्ट है !

सरिाय सट
ू उतायकय मभनी स्कटस तॊक राने के मरए ऊऩय मरखी ऩूयी
मोजनाफद्ध प्रकक्रमा अऩनाई गई,30 िषो भें कक्रमाजन्ित की गई !

साथ ही इस कामस की तयप अधधक आकवषस त कयने के मरमे सुजष्भता सेन,


ऐश्िमास याम आदद ऩुयानी हीयोइनो को ननयन्तय टीिी, कपल्भों के भॉध्मभ से
प्रचरयत ककमा गमा

औय इन सफकी जड़,स्कूर भें ही ऩड़ चुकी थी !

फै कग्राउॊ ड चेक कय रीजजमे कक नग्न वप्रम रड़ककमाॊ प्राम् ककन स्कूरों से ऩढ़कय
ननकरी होती आई है !

औय आज 30 िषो से मे सफ दे खते दे खते हभ औय आऩ सफ रोग बी अभ्मस्त


हो चक
ु े हैं !

मे होती है इल्रुमभनाती कक ककसी प्राचीन सॊस्कृनत भें घुसऩै ठ कयने की नीनत


षड्मॊत्र ऩूयी तयह मोजनाफद्ध !

सॊऻानात्भक !

क्रभि्

18
इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड़मंत्र
बाग - 27
टीवी ऩय प्रश्नोत्तयी

मभत्रो 1984 से 1991 तक टीिी ऩय दयू दिसन ही एकभात्र चैनर होता था 1991
के फाद केफर टीफी, अनेक चैनरों का आयम्ब हुआ!
तो दयू दिसन ऩय प्रत्मेक यात को सभाचाय के फाद कोई धायािादहक आता कपय
िास्त्त्रीम सॊगीत का कॉमसक्रभ आता था प्रनतददन!

यवििाय सुफह 8 से यात 11 तक ऩूया भनोयॊ जन का ददन होता था!

यवििाय को सुफह 8 फजे से यॊ गोरी (कपल्भों के प्रमसद्ध गीत) ,याभामण मा


भहाबायत, ऩॊ चतॊत्र मा खजाना (विश्ि प्रमसद्ध कहाननमाॊ ) आदद के धायािादहक
आते थे!
िाभ 6 फजे एक दहॊदी कपल्भ आती थी!

इन्ही यवििायी कामसक्रभो के फीच भें 11 फजे एक वििेष कामसक्रभ आता था


स्कुरी विद्माधथसमों के मरमे प्रश्नोत्तयी कॉमसक्रभ अथासत Quiz!

भॊच ऩय प्रश्नकतास यहते औय साभने दे ि के विमबन्न स्कूरों से चुने हुए छात्रों की


4 जोडड़माॊ यहती थी। ( ककसी को आज तक नही ऩता चरा कक ककस तयह मे
विद्माथी इस टीिी कामसक्रभ के मरमे चुने जाते ऩूण स यह्स्म)

आऩको आऩको आश्चमस होगा मे जानकय कक दयू दिसन ऩय प्रनतददन केिर


अॊग्रे जी न्मूज ही एकभात्र अॊग्रे जी कामसक्रभ आता था िेष सबी कॉमसक्रभ दहॊदी भें !

यवििाय सुफह 8 फजे से यात टीिी फन्द होने तक दहॊदी के सबी भनोयॊ जक
कॉमसक्रभ के फीच भें स्कुरी फच्चों का अॊग्रे जी भें प्रश्नोत्तयी कॉमसक्रभ होना फहुत
आश्चमसजनक था!

ककॊ तु अफ इसका उद्दे श्म एिॊ प्रकक्रमा सभखझमे !

इस कामसक्रभ भें 3 मा चायो जोड़ी इसाई मभिनयी स्कुर की ही यहती थी एकाध


जोड़ी कबी भहवषस स्कुर आदद की यहती थी!

19
मानी दयू दिसन टीिी भें ऩुये बायत के राखो स्कूरी विद्माधथसमों के मरमे एकभात्र
कॉमसक्रभ मानी ऻानिधसक प्रानतमोधगता (Quiz Time, KBC जैसे ) िो बी
अॊग्रे जी भें िो बी इसाई मभिनयी स्कूरो के प्रबुत्ि िारा !

अथास त मे कॉमसक्रभ स्प्ष्ट रूऩ से बायत के विद्माधथसमों ऩय एिॊ उनके भाता वऩता
ऩय अॊग्रेजी भॉध्मभ की तयप आकवषसत कयने हे तु भानमसक दिाफ फनाने िारा
कॉमसक्रभ था औय कॉमसक्रभ के इसाई स्कूरों का नाभ दे खकय नगयों, िहयो के
भाता वऩता तुयॊत दौड़ रगाते इन स्कूरों भें फच्चों को प्रिेि ददराने हे तु ऊॉची
पीस रुटाकय !

मभत्रो इस तयह दयू दिसन बी एक भॉध्मभ फनामा गमा इसाई मभिनयी के स्कूरों
को प्रचारयत कयने रोकवप्रम फनाने भें जजसके कायण ही मे स्कूर इतने
भहॊ गे ,खचीरे हुए औय भाता वऩता भानमसक गर
ु ाभ की तयह व्मिहाय कयते इन
स्कूरों भें घस
ु ते यहे !

मे है इल्रमु भनािी की िाकि बायि भें !

आश्चमस है बायत के दयू दिसन के अधधकायी बी इनकी इच्छा के अनुरूऩ कामस


कयते यहे !

ककसके दिाफ भें ?


जफकक दयू दिसन तो सयकायी विबाग होता है !

सॊऻानात्भक !

क्रभि्

20
इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड़मंत्र
बाग - 28

स्कुरी ववद्मार्थषमों को टायगेट फनाना

मभत्रो बायत के रोगो को रगता था !


औय अबी बी रगता है कक अख़फाय अरग है ऩत्रत्रकाएॊ अरग होती है !
कपल्भे कोई फनाता है !
टीिी अरग होती है !
औय मे सफ स्ितॊत्र होते है ऩय
इन भाध्मभो की खफयों के तयीके गुणित्ता ऩय ध्मान दें गे तो ऩता चर जाएगा
कक उऩमक्
ु स त सफके ऩीछे कोई ननमॊत्रक बी फै ठा है !

1988-89 भें सुफह 8 फजे दयु दिसन ऩय Teenage Turmoil नाभक एक


कामसक्रभ आता था जजसभे स्कुर के कऺा 9 से ऊऩय के विद्माधथसमों रड़के
रड़ककमों को एक दस
ू ये की तयप आकवषसत होते ददखाने िारा कामसक्रभ होता था
!

औय मे िही सभमकार था !
जफ स्कूरों भें ऩहरी फाय मौन मिऺा के नाभ ऩय भदहरा ऩुरुष के गुप्त अॊगो के
धचत्र सदहत जीि विऻान की ककताफ भें अध्माम आयम्ब हुआ था !

मे िही सभमकार था !

जफ अखफायों भें टे ननस खखराडड़मों भादटस ना नियानतरोिा के भैच के दौयान


भदहरा खखराड़ी के विमिष्ट अॊगो को ददखाने िारे फड़े फड़े पोटो अखफायों भें
आते !

मे िही सभमकार था !

जफ फॉरीिुड भें याजकऩू य की प्रमसद्ध कपल्भों भें कुछ मभॊन्ट का स्त्री ियीय के
अॊग को ददखाने िारा कोई दृश्म होता औय इनकी कपल्भ अॊग्रे जी स्कूर ऩय
आधारयत होती थी !

मे िही सभम था !

21
जफ जो जीता िही मसकन्दय नाभ की स्कूरी विद्माधथसमों की प्रेभ कहानी औय
प्रनतमोधगता प्रनतद्िॊ ददता को रेकय कपल्भ फनी जजसभे भहॊ गे अॊग्रेजी स्कूरों की
प्रष्ठबूमभ ही थी औय इस कफ़ल्भ भें स्कूरी रड़के रड़ककमों भें अिै ध सॊफॊधों की
फात ददखाई गई उस तयह के डामरॉग, एक्िन यखे गए !

औय

मे अफ िही सभमकार है !
जफ एक कपल्भ भें एक सीन भें अमभताब के हाथ भें कॊडोभ ददखामा गमा वििाह
यजजस्ट्री कामासरम भें !

मे िही सभमकार है !

जफ कॊडोभ का सिसजजननक विऻाऩन आयम्ब हुआ !


औय
आऩ सोचते है की बायत के अखफाय, टीिी, कपल्भे , ऩत्रत्रकाएॊ अरग अरग रोगो
के स्ितॊत्र अधधकाय भें है !

मभत्रो भ्राभक तथ्म है मे !

िास्तविकता मे है कक ऩयदे के ऩीछे कोई है !


जो इन सफ भाध्मभो को एक साथ एक विमिष्ट उद्दे श्म की ऩूनत स हे तु सॊचामरत
कयता है !

भॉध्मभ अरग अरग ऩय उत्तेजक कथा कहानी एक जैसे !

एक विमिष्ट िगस को एक साथ एक ही सभम कार भें टायगेट कयते हुए!

मे है इल्रुमभनाती की ताकत बायत भें !

हभ बायतीम इनके फनामे कुचक्र को अऩनाकय आधुननकता का ऩरयचम दे ते हैं !


औय अऩनी सॊस्कृनत का विनाि कयते हैं !

सॊऻानात्भक !
क्रभि् !

22
इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षड्मंत्र
बाग - 29

भहवषष अंिययाष्ट्रीम ववश्वववद्मारम

मभत्रो 1994 भें याज्म भध्मप्रदे ि जफरऩुय की एक तहसीर उभरयमा भें


बािातीत ध्मान के प्रकटकतास भहवषस भहे ि मोगी जी ने अॊ तययाष्ट्रीम दहन्द ू
िै ददक विश्ि विद्मारम खोरे जाने की घोषणा की !
जजसके अॊतगसत दनु नमा की सफसे ऊॊची 100 भॊजजरा बिन फनामा जाता जजसभे
1 राख ब्राह्भण िेदो, िास्त्रो का अध्ममन कयते !

इसके मरए जभीन के सिे हे तु विदे ि वििेषऻों की टीभ आई नक्िा तैमाय हुआ
कयीफ 50 ककरोभीटय घेये की जभीन खयीदने की प्रकक्रमा आयम्ब हो गई !

ननभासण सम्फन्धी फ़ाइर भध्म प्रदे ि की ददजग्िजम मसॊह की काॊग्रे ज़ सयकाय के


कामासरमों भें घूभती यही !

कपय जून 1997 भें जफरऩुय भें बूकम्ऩ आमा औय कपय तहसीर के ऩटिायी ने
मरखकय ददमा कक बूकॊऩ ग्रस्त ऺेत्र भें 100 भॊजजर इभायत फनाना खतयनाक
होगा औय भात्र इस ऩटिायी की रयऩोटस के आधाय ऩय काॊग्रे ज़ सयकाय ने
अॊतययाष्ट्रीम विश्िविद्मारम के प्रस्ताि को ऩूयी तयह ननयस्त कय ददमा !

जफकक सभस्त याष्ट्रीम मभडडमा,सभाचाय ऩत्रों, ऩत्रत्रकाओॊ , भध्मप्रदे ि के


सयकायी गजट भें मे प्रोजेक्ट प्रकािोत, प्रचारयत जो चूका था !

इस ननयस्तीकयण के विषम भें बूकम्ऩ िै ऻाननकों बिन वििेषऻों भहवषस के


अॊतययाष्ट्रीम स्तय के इॊजीननमयों से कोई सराह विचाय मरए त्रफना प्रस्ताि यद्द
कय ददमा ददजग्िजम मसॊह सयकाय ने !

जफकक सफको भारभ


ू है चीन जाऩान भें हय िषस बक
ू म्ऩ आते है तो क्मा िहा
ऊॉची इभायतें नही फनती ?

अफ सुननए मदद मे दहन्द ू अॊतययाष्ट्रीम िै ददक विश्िविद्मारम फन जाता तो

23
1. िै ददक विऻान,बािातीत ध्मान के बायतीम ऩॊ डडत वििेषऻ ऩूयी दनु नमा भें छा
जाते !

2.भध्म प्रदे ि भें एिॊ कपय ऩुये दे ि भें इसाई मभिनरयमों का कामस रुक जाता
क्मोंकक महाॊ के रोग दे खते कक इसाई गोये रोग तो स्िमॊ दहन्द ू गुरुओॊ के चयणों
भें ियणागत होते है तो कपय इसाई धभस भें क्मों जाना ?

3. िेद विऻान,मऻ विऻान,मोग प्राणामाभ, ज्मोनतष विऻान,सॊस्कृत ,आमि


ु ेद
की दनु नमा की सफसे फडी प्रमोगिारा, प्रमिऺण िारा, भहवषस का मे सॊस्थान
होता !
तो कपय इन ऺेत्रों भें कामस कय यही विदे िी दक
ु ानें फॊ द होने रगती !

4. इस विश्िविद्मारम के खुरने के फाद इस्कान को बायत भें कोई ग्राहक नही


मभरते क्मोंकक बायत का दहन्द ू अऩने धभस, धभसग्रॊथो की िजक्तमों से ऩरयधचत हो
जाता !

5. मिऺा ऺेत्र भें अॊतययाष्ट्रीम भुद्रा प्रिाह बायत की ओय हो जाता !

6. अॊग्रे जी कपय से भरेऺो की बाषा भानी जाती?औय सॊस्क्रत प्रनतजष्ठत हो


जाती जजससे अॊग्रे जी स्कुर ,कारेजी फन्द होने रगते तो इसाई मभिनयी का
प्रबाि िून्म होने रग जाता औय बायतीम भुद्रा जो इनके स्कूरों के भाध्मभ ् से
विदे ि जाती है िो रुक जाती औय उऩमक्
ु स त कायणों से मूयोऩ, इॊग्रैं ड , अभेरयका
के खजाने भें फहुत गयीफी हो जाती !

तो इन कायणों से अन्तयासष्ट्रयीम दहन्द ू विजश्िद्मारम बायत भें फनाने से योक


ददमा गमा !

12िी तक आट्सस ऩढ़े एक ऩटिायी की दटप्ऩणी के कायण !

क्मोंकक बविष्म भें 2015 भें दनु नमा के सफसे ऊॊचे बिन अॊ तययाष्ट्रीम
षड्मॊत्रकायी इस्कान का ननभासण होना था !
िॊ द
ृ ािन भें !
औय अफ ककसी को बूकम्ऩ, फाढ़ की धचॊता नहीॊ सता यही !
20 िषस का अॊ तय यखकय इस्कान का षड्मॊत्र सपर है !
सॊऻानात्भक ! क्रभि्

24
इल्रुमभनाति औय शैऺणिक षडमंत्र
बाग - 30

वास्िु शास्त्र

मभत्रो प्राचीन बायत िषस भें सभस्त तयह का ऻान सप्तऋवषमों को बगिान
ब्रह्भाजी से प्राप्त हुआ था !

भनुष्म को मिक्षऺत कयने ,जीिन ननिासह मसखाने,कऩड़ा, बोजन कृवष, नगय


फसाने आदद का ऻान ऋवषमो ने भनुष्मो को ददमा जजसका उल्रेख ऩुयाणों
(अथासत दहन्द ू इनतहास ग्रन्थ) भें मभरता है !

अजग्नऩुयाण भें एक नगय ककस ऩरयभाण का फसामा जाए, इसभें कौन सा बिन,
ककस व्माऩाय, कभस के रोग ककस तयप ननिास कये , सड़क, नारी, फाॉध, ताराफ
आदद की व्मिस्था कैसी हो, इसका ऩूण स विियण अजग्नऩुयाण भें ददमा हुआ है !

घय फनाने का, घय की रॊफाई चौड़ाई, आॊगन आदद ककस नाऩ के हो, मे सफ


विियण बी इस ग्रॊथ एिभ अन्म ग्रॊथो भें होता है !

कोणाकस का सूम स भजन्दय, अॊ कोयिाट भजन्दय, भुल्तान जस्थत वििार सूम स


भजन्दय (अफ नष्ट ), अजॊ ता एरोया गुपाएॊ , आभे य का ककरा, हिाभहर,
जरभहर, भाॊडू का ककरा, इन सफकी िास्तुकरा के विषम भें स्कूर कारे ज की
ककताफो भें कोई िणसन नही ककमा जाता !
जफकक भुगरो ने जजन भॊददयो, भहरों को तोड़कय उनका कुछ रूऩ फदर ददमा
उनके विषम भें अिश्म ककताफो भें िणसन ककमा जाता है !
कक मे भुग़र+दहन्द ू िास्तुकरा है जजसको अभु क भुसरभान फादिाह ने
फनिामा (ताकक दहन्द ू बिन ध्िस्त कयने की फात नछऩी यहे )

मभत्रो साथ ही अजग्नऩुयाण के अध्मामों से मे स्प्ष्ट हो जाता है कक मोजनाफद्ध


नगय फसाने, फाॉध , ताराफ, मसॊचाई, कृवष व्मिस्था का आयम्ब बायत से ही हुआ
है !

औय प्राचीन कार के सफ तयह के ननभासण कामो भें इॊद्रप्रस्थ को याजधानी के रूऩ


भें स्थावऩत कयने के सभम ऩाॊडिो द्िाया फनाए गमा भामाभहर औय

25
भहायाज ऩयीक्षऺत द्िाया साॊऩ के जहय से भत्ृ मु होने से फचने हे तु फनामे गए
नछद्र विहीन बिन प्राचीनकार की अद्बु त िास्तुकरा, इॊजीननमरयॊग के उत्तभ
उदाहयण थे !

प्राचीन बायतीम िास्तुकरा, नगय स्थावऩत कयने की करा, इॊजीननमरयॊग को


बायत के स्कूरी ऩाठ्मक्रभ भें ऩूयी तयह नकाय ददमा गमा !
ताकक बायतीम प्राचीन दहन्द ू िास्तु ऻान का महाॊ के विद्माधथसमों को ऩता ना
चरे औय हय चीज को िो भुगरो, अॊ ग्रेजो द्िाया फनामा भान रे !

ऩुये दे ि हय स्कूर, कारे ज की ककताफो से मे प्राचीन विषम िस्तऻ


ु ान ऩूयी तयह
गामफ है !

ककसके दिाफ भें ?

सॊऻानात्भक !

26